शहतूत - एंटीऑक्सीडेंट, रेस्वेराट्रोल, विटामिन C और आयरन से भरपूर बेरी। रक्त स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा और मधुमेह प्रबंधन के लिए उत्कृष्ट। जानें शहतूत के फायदे।
Sun, Dec 28, 2025शहतूत (Morus प्रजाति), जिसे तूत के नाम से भी जाना जाता है, एक मीठी-तीखी बेरी है जो एशिया की मूल निवासी है। काले, सफेद और लाल किस्मों में उपलब्ध, शहतूत शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट जैसे रेस्वेराट्रोल, विटामिन C, आयरन और एंथोसायनिन से भरपूर हैं। आयुर्वेद और चीनी चिकित्सा में पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है, शहतूत रक्त स्वास्थ्य का समर्थन करता है, प्रतिरक्षा में सुधार करता है, मधुमेह प्रबंधन में सहायता करता है, और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। पत्तियां भी अपने औषधीय गुणों के लिए मूल्यवान हैं। एक मौसमी वसंत/गर्मी का फल, शहतूत ताज़ा, सूखे, या जैम और जूस में स्वादिष्ट हैं।
शहतूत एक मौसमी बेरी खजाना है जो एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और आयरन से भरपूर है। अपने मीठे-तीखे स्वाद और जीवंत रंग (काला, सफेद या लाल) के लिए जाना जाता है, शहतूत का उपयोग सदियों से रक्त स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा और मधुमेह प्रबंधन के लिए पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है।
| पोषक तत्व | मात्रा |
|---|---|
| कैलोरी | 43 kcal |
| कार्बोहाइड्रेट | 9.8 ग्राम |
| प्राकृतिक शर्करा | 8.1 ग्राम |
| फाइबर | 1.7 ग्राम |
| प्रोटीन | 1.4 ग्राम |
| वसा | 0.4 ग्राम |
| विटामिन C | 36.4 mg (RDI का 61%) |
| विटामिन K | 7.8 mcg |
| आयरन | 1.85 mg (RDI का 10%) |
| पोटैशियम | 194 mg |
| कैल्शियम | 39 mg |
| मैग्नीशियम | 18 mg |
नोट: काले शहतूत में सफेद या लाल किस्मों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
शहतूत एक मौसमी वसंत/गर्मी का फल है:
ताज़ा शहतूत के लिए:
बचें:
रस (स्वाद): मधुर (मीठा), कषाय (कसैला) वीर्य (शक्ति): शीत (ठंडा) विपाक (पाचन के बाद प्रभाव): मधुर (मीठा) दोष प्रभाव: पित्त को संतुलित करता है; अधिक मात्रा में कफ बढ़ा सकता है; वात को शांत करता है
पारंपरिक उपयोग:
प्रश्न: क्या शहतूत कच्चा खा सकते हैं? उत्तर: हां! पके शहतूत (काले, लाल या सफेद) को ताज़ा और कच्चा खाया जा सकता है। वे मीठे, रसीले और स्वादिष्ट होते हैं। हालांकि, कच्चे हरे शहतूत से बचें क्योंकि वे पेट खराब कर सकते हैं। खाने से पहले हमेशा अच्छी तरह से धोएं।
प्रश्न: क्या शहतूत औषधीय उद्देश्यों के लिए अच्छे हैं? उत्तर: हां, शहतूत का उपयोग सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। वे रक्त शर्करा को नियंत्रित करने, लीवर कार्य का समर्थन करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने, रक्त स्वास्थ्य में सुधार (आयरन युक्त), और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। शहतूत की पत्ती की चाय आयुर्वेद और चीनी चिकित्सा में मधुमेह प्रबंधन के लिए उपयोग की जाती है।
प्रश्न: क्या मैं घर पर शहतूत का पेड़ उगा सकता हूं? उत्तर: बिल्कुल! शहतूत के पेड़ हार्डी, तेजी से बढ़ने वाले और विभिन्न जलवायु (समशीतोष्ण से उपोष्णकटिबंधीय) के अनुकूल हैं। उन्हें पूर्ण सूर्य, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और मध्यम पानी की आवश्यकता होती है। पेड़ 2–3 वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं और दशकों तक प्रचुर मात्रा में उत्पादन कर सकते हैं।
प्रश्न: काले, सफेद और लाल शहतूत में क्या अंतर है? उत्तर: काले शहतूत (Morus nigra) सबसे मीठे, सबसे स्वादिष्ट और एंटीऑक्सीडेंट में सबसे अधिक होते हैं। सफेद शहतूत (Morus alba) हल्के और कम मीठे होते हैं — आमतौर पर रेशम के कीड़े की खेती के लिए उपयोग किए जाते हैं। लाल शहतूत (Morus rubra) संतुलित मीठे-तीखे स्वाद के होते हैं। सभी पौष्टिक और खाने योग्य हैं।
प्रश्न: क्या शहतूत मधुमेह के लिए अच्छे हैं? उत्तर: हां! शहतूत का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और इसमें ऐसे यौगिक होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शहतूत की पत्ती की चाय पारंपरिक रूप से मधुमेह को प्रबंधित करने के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि, यदि आप मधुमेह की दवा ले रहे हैं, तो अपने रक्त शर्करा की बारीकी से निगरानी करें क्योंकि शहतूत प्रभाव को बढ़ा सकते हैं।
प्रश्न: आयुर्वेद में शहतूत शरीर को कैसे लाभ पहुंचाते हैं? उत्तर: आयुर्वेद में, शहतूत (शहतूत) ठंडा, पौष्टिक और रक्त-शुद्ध करने वाला है। वे रक्त धातु (रक्त ऊतक) को मजबूत करते हैं, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देते हैं, पित्त दोष को शांत करते हैं, और गले में खराश, बुखार, खांसी और पाचन समस्याओं के लिए उपयोग किए जाते हैं। शहतूत की पत्तियां रक्त शर्करा को संतुलित करने (प्रमेह) के लिए मूल्यवान हैं।
और जानें: सब्ज़ियाँ • जड़ी-बूटियाँ • प्राकृतिक उपचार