Tue, Jun 9, 2026
सरसों (राई) – तीखा गर्म बीज जिसे आयुर्वेद में सर्षप कहा जाता है — पाचन जगाने, जोड़ों और मांसपेशियों की जकड़न कम करने के लिए मूल्यवान, और सेलेनियम तथा ओमेगा-3 से भरपूर।
दालचीनी – मीठी गर्म छाल जिसे आयुर्वेद में त्वक कहा जाता है — रक्त शर्करा संतुलित करने, पाचन में सहायता, शरीर को गर्म रखने और समृद्ध एंटीऑक्सीडेंट शक्ति के लिए मूल्यवान।
जीरा – गर्म सुगंधित बीज जिसे आयुर्वेद में जीरक कहा जाता है — आयरन से भरपूर एक पाचन पावरहाउस, जो फूलन कम करने, भूख जगाने और चयापचय का समर्थन करने के लिए मूल्यवान है।
Mon, Feb 9, 2026
हल्दी (Haldi) – आयुर्वेद का 'स्वर्णिम उपचारक' जो अपने सक्रिय यौगिक करक्यूमिन के माध्यम से सूजन से लड़ता है, प्रतिरक्षा बढ़ाता है, यकृत स्वास्थ्य का समर्थन करता है और घावों को ठीक करता है।
धनिया (Coriandrum sativum) एक सुगंधित शीतल जड़ी-बूटी और मसाला है जो पाचन, डिटॉक्सिफिकेशन और सूजन-रोधी गुणों के लिए प्रसिद्ध है। आयुर्वेद और रसोई दोनों में सदियों से उपयोग।
अदरक (Zingiber officinale) – आयुर्वेद की 'विश्वभेषज' (सार्वभौमिक औषधि) – पाचन सुधारने, सूजन कम करने, मतली दूर करने और प्रतिरक्षा मजबूत करने के लिए प्राकृतिक रूप से प्रसिद्ध।